बुधवार, 30 अप्रैल 2025

हर कोई मा बाप चाहता है की बच्चा वैभव जैसा बने।

हर कोई मा बाप चाहता है की मेरा बच्चा भी ऐसा ही खिलाड़ी बने जब से वैभव चर्चा में है। पर इस सफलता के लिए वैभव के मा बाप ने अपनी सुख सुविधा का भी त्याग किया, मुश्किल हालात का सामना किया है, हार नहीं मानी। तभी सफलता मिली है। 
मा बाप जब सपना देखते है तो उसे पूरा करने के लिए अपने सुख दुख की परवाह किए बगैर बस उनकी एक ही तमन्ना होती है की उनकी संतान आगे बढ़े, अपना नाम करे, समाज का नाम करे ओर देश में नाम करे।

इस सफलता के पीछे वर्षो की मेहनत ओर अथक प्रयास होते है एक तरह से टीम बनाकर। 

आज वैभव चमक रहा है तो निश्चित ही उनके मात पिता की मेहनत ओर हौसला की वजह है। वैभव की कड़ी मेहनत ओर अपने पर भरोसा रखने के कारण ही ये नायाब हीरा देश को ओर आगे लेकर जाएगा। 

शुक्रवार, 25 अप्रैल 2025

दल से बड़ा देश।

दल से बड़ा देश।
कश्मीर में हुई जघन्य घटना का पुरा विश्व विरोध ओर दुख जाहिर कर रहा है सिर्फ दुश्मन देश ओर उन से सहानुभूति रखने वाले लोगों को छोड़।

ये घटना पीछे घटित घटनाओं का एक नया रूप है। इस घटना में आतंक के संगठन का नाम मॉडर्न किया है कहते है इसमें काम करने वाले जाहिल भी अलग अलग रूप में होते है इनके काम का ढंग अलग है। 

पिछले कुछ वर्षो में कश्मीर में बढ़ रही शांति ओर बढ़ती पर्यटक इनके लिए सर दर्द बना हुआ था। एक अनुमान के मुताबिक कश्मीर के राजस्व के कुल भाग का 7 % सिर्फ पर्यटन से आता है ओर लाखो लोगो की आजीविका इस पर्यटन से चल रही थी।

दूर बैठे लोग इस देश की तरक्की और कश्मीर में शांति से बहुत ही दुखी थे लिहाजा इस घटना को अंजाम दिया ओर धर्म के नाम हत्या कर एक तरह से डर का माहौल बनाना चाहा।

घटना के बाद देश क्रोध में है ओर सरकार भी जनता की भावना को समजते हुए उसी तरह के कदम ले रही है।

इस वक्त दल, विचारधारा, तर्क , वितर्क से सबसे बड़ी चीज है वो है देश। 

देश की एकता और सुरक्षा के लिए हर भारतीय की एक ही आवाज बस दुश्मन को मीठी में मिला दो। .......... #पहलगाम

गुरुवार, 24 अप्रैल 2025

सिंधु जल समझौता। भारत पाक।

सिंधु जल समझौता। 
दो दिन पूर्व हुई घटना से पूरा देश आक्रोशित है और सरकार से जवाब सुनना चाहता था देश। इस घटना से सरकार, और विपक्ष दोनों साथ है दुश्मन देश के लिए कड़ा जवाब को लेकर।

कल रात को विदेश सचिव के प्रेश कॉन्फ्रेश में सबसे पहले सटीक लाइन में कहा की सिंधु जल समझौता को रोक दिया गया है उसके साथ साथ ओर भी रोक लगाई है। 

संसद हमला, पुलवामा हमला हुआ  तब भी इस समझौते को नहीं रोका गया था ये पहली बार है जब इसे रोका गया है।

इसका असर पाकिस्तान पीने के लिए पानी, खेती के लिए पानी ओर बिजली उत्पादन के लिए पानी पर भारी पड़ेगा। अभी पीने के लिए पानी ओर दिसंबर में खेती के लिए पानी की जरूरत पड़ेगी। ना पीने को पानी, ना खेती को पानी ओर ना बिजली के लिए पानी मतलब पूरी आर्थिक हालात पर सीधी डिप्लोमेटिक स्ट्राइक है भारत सरकार की।

आइए हम सिंधु समझौता को समझें और उसके प्रभाव को देखे। 

कल के जो भी निर्णय थे वो डिप्लोमेटिक एक्शन है। इसमें सिंधु जल समझौता बेहद ही करारा जवाब है दुश्मन देश के लिए। 

ये 1960 में भारत और पाकिस्तान के मध्य हुआ था और मध्यस्था में विश्व बैंक की भूमिका थी।

इस समझौते पर पंडित जवाहर लाल नेहरू और अयूब खान के हस्थक्षर है।

ये जल समझौता 6 नदियों के लिए जिसमें भारत के लिए रावी,ब्यास ओर सतलुज तो पाकिस्तान की 3 नदिया सिंधु,झेलम ओर चिनाब के जल वितरण को लेकर समझौता हुआ था।

सिंधु नदी के साथ जुडी महत्वपूर्ण नदी घाटी परियोजनाएं है - भाखड़ा नांगल, इंदिरा गांधी परियोजना, पोंग परियोजना चमेरा परियोजना, थीन परियोजना, नाथपा झाकड़ी परियोजना, सलाल, बगलिहार परियोजना, दुलहस्ती परियोजना, तुलबुल परियोजना, और उड़ी परियोजना।

सिंधु नदी तिब्बत के पठार में मानसरोवर झील के पास कैलाश पर्वत श्रृंखला के बोखार-चू नामक ग्लेशियर से निकलती है. यह नदी उत्तर-पश्चिम दिशा में बहती है और लद्दाख क्षेत्र में भारत के डेमचोक नामक स्थान पर प्रवेश करती है. 

उद्गम:
सिंधु नदी तिब्बत के मानसरोवर झील के पास कैलाश पर्वत श्रृंखला में बोखार-चू नामक ग्लेशियर से निकलती है. 
मार्ग:
यह नदी उत्तर-पश्चिम दिशा में बहती है और भारत के लद्दाख क्षेत्र में प्रवेश करती है. 
सहायक नदियाँ:
सिंधु नदी की कई सहायक नदियाँ हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
झेलम नदी
चिनाब नदी
रावी नदी
व्यास नदी
सतलज नदी. 
अंत:
सिंधु नदी पाकिस्तान में प्रवेश करती है और अरब सागर में गिरती है. 

इस के प्रभाव को हम अब समझ सकते है ओर दुश्मन देश के लिए गहरी चोट है। 

#सिंधु #सिंधु_जल_समझौता #पहलगाम

शुक्रवार, 18 अप्रैल 2025

अमरीका- चीन और डंपिंग मैदान भारत ??

अमरीका- चीन और डंपिंग मैदान भारत ??

जब से अमेरिका में नये राष्ट्रपति ट्रंप ने सरकार संभाली है तब से पूरे विश्व में एक अनिश्चिता का माहौल बना हुआ है ओर उसमे ट्रंप के नए नए बयान इसको पुख्ता करते है।


अभी अभी ट्रंप ने व्यवसायिक युद्ध छेड रखा है ओर वो चाहते है दूसरे देश अमेरिका से डरे। ट्रंप ने टैरिफ बढ़ा कर सब देशों को चिंता में डाल दिया है पर वहीं वो खासकर चीन से जबरदस्त डरा धमक रहा है पर चीन भी चुपचाप नहीं बैठने वाला है।

इस युद्ध में भारत की भूमिका अहम है अबतक के प्रयास अच्छे है भारत पर लगाए टैरिफ का जवाब शांतिपूर्ण तरीके से देना चाहता है ओर कोशिश भी हो रही है। हमारे ऑटो , कपड़ा ओर एग्री सेक्टर पर असर देखा जा सकता है।

अब इस अमरीका चीन की लड़ाई में सबसे बड़ा ग्राहक देश भारत है। दोनों देश चाहेंगे की उनका सस्ता माल भारत में बेचा जाए। इस सस्ते के चक्कर में भारत के लघु, मध्यम ओर बड़े उद्योग पर असर पड़ सकता है। जब सस्ता माल बाजार में मिल रहा है तो भारतीय कंपनियों के लिए मुश्किल होगा । फिर जब विदेशी कंपनी अपना बाजार भारत में जमा लेंगे तो फिर धीरे धीरे अपने नुकसान कि भरपाई इस भारत के बाजार से करेंगे और तब तक भारतीय कंपनियां मुकबला नहीं कर पायेगी। 

भारत सरकार ने इस खतरे को समझते हुए एक कमेटी तो बनाई पर ऐसा ना हो की कमेटी जब अपनी बात रखे तब तक देर हो जाए। 

हमारे मेक इन इंडिया, एक जिला एक प्रॉडक्ट, स्टार्टअप ओर छोटे उद्योगों और बेरोजगारों को रोजगार देने की योजना की रक्षा करते हुए सरकार जरूर इस व्यपारिक युद्ध से अच्छा हल निकलेगी।

दो दिन से शेयर बाजार भी मुस्कान 🤗 दे रहा है पर इस डंपिंग मैदान बनाने से रोकना होगा। ...

#टैरिफ_वॉर

मूंगफली की फसल और फायदे।

मूंगफली की फसल और फायदे।  मूँगफली peanut, या groundnut, वानस्पतिक नाम : Arachis hypogaea. https://youtube.com/shorts/PCXDt5vbxd0...